बजट 2026: क्रिप्टो टैक्स राहत और नियामक स्पष्टता की बड़ी उम्मीद

0
3
बजट 2026

बजट 2026 भारत के क्रिप्टो निवेशकों के लिए निर्णायक साबित हो सकता है। इस बार उद्योग को टैक्स राहत और स्पष्ट नियमों की उम्मीद है। पिछले वर्षों की कठोर नीतियों ने बाजार की गति धीमी की। हालांकि, निवेशक अब सकारात्मक बदलाव की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

वर्तमान में क्रिप्टो को वर्चुअल डिजिटल एसेट माना जाता है। किसी भी लाभ पर 30 प्रतिशत टैक्स लागू है। साथ ही, हर लेनदेन पर 1 प्रतिशत टीडीएस काटा जाता है। परिणामस्वरूप, ट्रेडर्स की पूंजी तेजी से लॉक हो जाती है।

बजट 2026 और मौजूदा क्रिप्टो टैक्स ढांचा

भारत में आयकर विभाग ने वीडीए पर सख्त नियम लागू किए हैं। आधिकारिक जानकारी आयकर विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध है। देखें: https://www.incometaxindia.gov.in

इसके अलावा, घाटे को लाभ से समायोजित करने की अनुमति नहीं है। इसलिए, वास्तविक शुद्ध आय पर भी उच्च कर लगता है। यह व्यवस्था सक्रिय ट्रेडिंग को हतोत्साहित करती है। इसी कारण घरेलू एक्सचेंजों की तरलता प्रभावित हुई है।

बजट 2026 से उद्योग को उम्मीद है कि यह ढांचा बदलेगा। यदि नियम संतुलित होंगे, तो भागीदारी बढ़ेगी। साथ ही, सरकार को भी स्थिर राजस्व मिलेगा।

टीडीएस में कटौती की मांग

क्रिप्टो उद्योग की प्रमुख मांग टीडीएस घटाने की है। वर्तमान 1 प्रतिशत टीडीएस पूंजी पर भारी दबाव डालता है। हालांकि, विशेषज्ञ इसे 0.1 प्रतिशत या 0.01 प्रतिशत करने का सुझाव देते हैं।

ऐसी कटौती से निगरानी बनी रहेगी। दूसरी ओर, निवेशकों की कार्यशील पूंजी सुरक्षित रहेगी। परिणामस्वरूप, घरेलू प्लेटफॉर्म पर ट्रेडिंग वॉल्यूम बढ़ सकता है।

कई निवेशक विदेशी एक्सचेंजों की ओर बढ़े हैं। इसका मुख्य कारण कर संरचना है। यदि बजट 2026 में टीडीएस कम होता है, तो पूंजी वापसी संभव है।

30 प्रतिशत टैक्स दर पर पुनर्विचार

फ्लैट 30 प्रतिशत टैक्स सभी निवेशकों पर समान लागू है। हालांकि, आय स्तर अलग-अलग होते हैं। इसलिए, उद्योग इसे आयकर स्लैब से जोड़ने की मांग करता है।

यदि दरें स्लैब आधारित होंगी, तो छोटे निवेशकों को राहत मिलेगी। साथ ही, मध्यम वर्ग की भागीदारी बढ़ेगी। यह कदम बाजार को व्यापक आधार देगा।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई देश अलग मॉडल अपनाते हैं। उदाहरण के लिए, ओईसीडी कर नीतियों पर मार्गदर्शन देता है। अधिक जानकारी देखें: https://www.oecd.org

बजट 2026 में दरों का पुनर्निर्धारण बाजार को नई दिशा दे सकता है। परिणामस्वरूप, निवेशक विश्वास मजबूत होगा।

घाटे के सेट-ऑफ की अनुमति

शेयर बाजार में निवेशक घाटा समायोजित कर सकते हैं। हालांकि, क्रिप्टो में यह सुविधा उपलब्ध नहीं है। इसलिए, जोखिम प्रबंधन कठिन हो जाता है।

यदि भविष्य के लाभ से घाटा समायोजित हो सके, तो संतुलन बनेगा। इससे दीर्घकालिक निवेश रणनीतियां मजबूत होंगी। साथ ही, कराधान अधिक न्यायसंगत होगा।

बजट 2026 में यह प्रावधान शामिल हुआ तो सकारात्मक संकेत जाएगा। परिणामस्वरूप, बाजार स्थिरता बढ़ सकती है।

नियामक स्पष्टता की आवश्यकता

टैक्स सुधार के अलावा नियामक स्पष्टता जरूरी है। वर्तमान में आरबीआई और सेबी सावधानीपूर्ण दृष्टिकोण अपनाते हैं। आरबीआई की जानकारी यहां उपलब्ध है: https://www.rbi.org.in

हालांकि, उद्योग स्पष्ट दिशानिर्देश चाहता है। यदि स्पष्ट ढांचा बनेगा, तो धोखाधड़ी कम होगी। साथ ही, निवेशकों की सुरक्षा मजबूत होगी।

बजट 2026 नियामक समन्वय का संकेत दे सकता है। इससे वेब3 स्टार्टअप्स को स्थिर वातावरण मिलेगा। परिणामस्वरूप, वैश्विक निवेश आकर्षित हो सकता है।

विदेशी प्लेटफॉर्म की ओर पलायन

उच्च करों ने कई ट्रेडर्स को विदेशी प्लेटफॉर्म पर भेजा। इससे घरेलू एक्सचेंजों का वॉल्यूम घटा। दूसरी ओर, सरकार की निगरानी सीमित हुई।

यदि कर संरचना व्यावहारिक बनेगी, तो यह प्रवृत्ति बदल सकती है। बजट 2026 में संतुलित नीति पूंजी को वापस ला सकती है। साथ ही, पारदर्शिता बढ़ेगी।

घरेलू प्लेटफॉर्म केवाईसी मानकों का पालन करते हैं। इसलिए, स्थानीय ट्रेडिंग अधिक सुरक्षित रहती है। यह पहल राजस्व वृद्धि में भी सहायक होगी।

संभावित आर्थिक प्रभाव

विश्लेषकों का मानना है कि सुधार से बाजार विस्तार होगा। कम टीडीएस और स्लैब आधारित टैक्स से भागीदारी बढ़ेगी। परिणामस्वरूप, ट्रेडिंग वॉल्यूम मजबूत होंगे।

यदि ऑफशोर पूंजी लौटती है, तो कर संग्रह बढ़ सकता है। यह परोक्ष रूप से डिजिटल अर्थव्यवस्था को गति देगा। साथ ही, ब्लॉकचेन स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन मिलेगा।

बजट 2026 भारत को वेब3 नवाचार केंद्र बना सकता है। हालांकि, इसके लिए संतुलित नीति जरूरी है।

सरकार का सतर्क दृष्टिकोण

सरकार वित्तीय स्थिरता को प्राथमिकता देती है। इसलिए, बड़े बदलाव तुरंत संभव नहीं दिखते। हालांकि, चरणबद्ध सुधार की संभावना बनी है।

नियामक संस्थाएं उपभोक्ता सुरक्षा पर जोर देती हैं। अतः, नीतियां सावधानीपूर्वक बनेंगी। फिर भी, उद्योग संवाद जारी रखे हुए है।

बजट 2026 इस संवाद का परिणाम दर्शा सकता है। परिणामस्वरूप, नीति दिशा स्पष्ट होगी।

निष्कर्ष

बजट 2026 क्रिप्टो बाजार के लिए महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है। निवेशक टीडीएस कटौती और टैक्स पुनर्निरीक्षण की उम्मीद करते हैं। साथ ही, घाटे के सेट-ऑफ की मांग भी प्रमुख है।

यदि ये सुधार लागू होते हैं, तो बाजार में तरलता बढ़ेगी। दूसरी ओर, स्पष्ट नियामक ढांचा भरोसा मजबूत करेगा।

कुल मिलाकर, बजट 2026 भारत के डिजिटल एसेट भविष्य को आकार दे सकता है। अंतिम घोषणा ही तय करेगी कि उद्योग को कितनी राहत मिलती है।

Also Read: Twitter Blue Tick : ट्विटर पर ब्लू टिक लेने के लिए क्या करे

Leave a reply